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Thursday, June 8, 2023

Rocketry Movie Real story hindi

Rocketry Movie real story

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Rocketry
Rocketry movie story

साउथ सिनेमा और बॉलीवुड की कई फिल्मों में अलग अंदाज में अभिनय कर सभी के दिल को जीतने वाले एक्टर आर माधवन इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म रॉकेट्री को लेकर चर्चा में हैं। साल 2021 में फिल्म के ट्रेलर के बाद उनकी एक्टिंग का हर कोई कायल है। फिल्म में एक मुख्य किरदार के अलावा आर माधवन इस फिल्म के निर्देशक भी हैं। इस फिल्म की कहानी पूरी तरह से देश के महान  वैज्ञानिक नबी नारायण पर बनी है। इस फिल्म में इस महान वैज्ञानिक के जीवन से जुड़े हर पहलू को दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म के ट्रेलर के बाद हर तरफ से पॉजिटिव रिएक्शन आ रहा है। फिल्म को लेकर फेन काफी उत्साहित हैं,तभी से लोग रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट की फिल्म की असल कहानी, नबी नारायण की जीवनी, रॉकेट फिल्म की कास्ट, रिलीज तारीख और रॉकेट फिल्म से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें जानना चाहते हैं। आपको बता दें कि रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं है, यह देश के एक महान वैज्ञानिक की दर्दनाक कहानी है, जिसे एक बड़ी साजिश के तहत देश का गद्दार बना दिया गया था। इस फिल्म को पूरे देश के नागरिकों को देखना चाहिए।




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Rocketry : The Nambi Effect केवल फिल्म तक ही सीमित नहीं है। इस फिल्म में देश के ऐसे महान वैज्ञानिक के जीवन का दर्द जानने को मिलेगा। जिन्होंने क्रायोजेनिक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काफी मेहनत की थी। इतते बड़े देशभक्त होने के बावजूद उन्हें साजिश के रूप में आरोपों में फंसाया गया और देश का देशद्रोही बताया गया। जिसके बाद देश की मीडिया ने इसके पीछे की सच्चाई जाने बिना उन पर विश्वासघात की मुहर लगा दी। फिल्म में आर माधवन साइंटिस्ट नंबी नारायणन  का किरदार निभा रहे हैं,फिल्म मे एक साइंटिस्ट के 27 से लेकर 70 साल की उम्र तक के जीवन के किरदार को निभाने वाले एक्टर आर माधवन जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन नज़र आ रहे हैं। फिल्म मे सिमरन और रजित कपूर भी अहम रोल में नजर आने वाले हैं और साथ मे बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान का स्पेशल अपीयरेंस है।

>>कहानी KGF की

 

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Nambi Narayanan biography

साल 1994 की बात है जब मालदीव की एक महिला जिसका नाम मरियम राशिद बताया था। जिसे तिरुवंतपुरम से गिरफ्तार कर लिया गया था। इस महिला को इसरो के स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन ड्राइंग पाकिस्तान को बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसी वर्ष 1994 में केरल पुलिस ने तिरुवंतपुरम में वैज्ञानिक और प्रयोजना इंजन प्रोजेक्ट के डायरेक्टर नबी नारायण समेत अन्य शशि कुमारन और चंद्रशेखर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इन तीनों वैज्ञानिकों के अलावा रुसी स्पेस एजेंसी के एक भारतीय प्रतिनिधि एस.के शर्मा, लेबर कांट्रेक्टर और राशिद की दोस्त फोरजिया हसन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन सभी दिग्गज वैज्ञानिकों पर इसरो के स्वदेशी क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान समेत कई अन्य देश को बेचने का आरोप लगाया गया और नबी नारायण जैसे देश के ईमानदार, देशभक्त वैज्ञानिक को गद्दार ठहराया गया। उन दिनों मीडिया ने इन सभी पर लगे गद्दारी के कीचर को उछालने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी और ना ही कानून को कोई रहम आया कि ऐसे देशभक्त को तूछ सबूत के दम पर कैसे गिरफ्तार किया जाय। जब नबी नारायण और साथी को गिरफ्तार कर लिया गया था उस समय र्रोकेट में इस्तेमाल होने वाली क्रायोजनिक इंजन बनाने का प्रोजेक्ट ठप्प हो जाता है। आगे 1994 के आखिरी महीने में इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया। जांच में सीबीआई ने केरल पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक भी आरोप सही नहीं बताया और आगे साल 1996 में सीबीआई ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में बताया कि यह पूरा मामला फर्जी है इसमें कोई सच्चाई नहीं दिखती है और ना ही आरोपी के पक्ष में कोई सबूत मिला है। जिसके बाद नबी नारायण और अन्य वैज्ञानिकों को निर्दोष करार दिया जाता है।
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नम्बी नारायण की जीवनी |  Nambi Narayanan biography

नम्बी नारायण का जन्म 12 दिसंबर 1941 को केरल राज्य के नागारोकोइल नामक गांव के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में बहुत तेज थे। उन्होंने 10वीं से 12वीं तक अपनी क्लास में टॉप किया था
इन्होंने त्रिवेंद्रमपुरम के एक कॉलेज से एमबीए की डिग्री हासिल की। इनके पिता नारियल का बिजनेस करते थे और मां हाउस वाइफ थीं। नबी नारायण एक शादीशुदा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनकी पत्नी का नाम मीना नम्बी नारायणन है। दोनों के दो बच्चे हैं बेटे का नाम संकरा कुमार नारायणन जो पेशे से एक बिजनेसमैन है और बेटी का नाम गीता अरुणन जो एक टीचर है। नबी की शादी कम उम्र में ही कर दी गई थी। जिसके बाद पूरा घर की जिम्मेदारी उनके कंधे पर लाद दिया गया था। उन्होंने अनेकों कारखानों में काम भी किया। आगे उनकी पहली मुलाकात उस समय के अंतरिक्ष वैज्ञानिक और औद्योगिक केंद्र के अध्यक्ष विक्रम साराभाई से हुई। नम्बी नारायण से विक्रम साराभाई काफी प्रभावित हुए और उन्हें इसरो के लिए चुन लिया।

>>>R madhavan biography in hindi | आर माधवन का जीवन परिचय





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