आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र के एक अध्याय में कुछ ऐसी अहम बातों का उल्लेख किया है, जिन्हें पढ़ने के बाद 90% इंसान में बदलाव देखने को मिला है... 

नसीहत वह सच्चाई है,जिसे हम कभी गौर से नहीं सुनते,और तारीफ वह धोखा है,जिसे हम पूरे ध्यान से सुनते हैं।

क्या क्या खोया है,इस पर विचार करके अपना समय,नष्ट करने से अच्छा क्या,क्या पाना है इस पर विचार,करे तो ज्यादा अच्छा है.

पराजय तब नहीं होती,जब आप गिर जाते हैं,पराजय तब होती है जब,आप उठने से इनकार कर देते हैं ।

जरूरी नहीं कि हर उपहार कोई वस्तु ही हो प्रेम,परवाह और इज्जत बहुत अच्छे उपहार हैं,किसी को देने के लिए.

नसीहत वह सच्चाई है,जिसे हम कभी गौर से नहीं सुनते और तारीफ वह धोखा है जिसे हम पूरे ध्यान से सुनते हैं।

सन्देह मुसीबत के पहाड़ों का निर्माण करता है और विश्वास पहाड़ों में से भी रास्ते का निर्माण करता है।

जिंदगी में खत्म होने,जैसा कुछ नहीं होता,हमेशा नई राह आपका,इंतजार कर रही होती है.

जिंदगी में खत्म होने जैसा कुछ नहीं होता,हमेशा नई राह आपका इंतजार कर रही होती है।

मित्र, पुस्तके, रास्ता और सोच अगर गलत हो तो गुमराह कर देते हैं और अगर यही सही हो तो जीवन भी बना देते हैं.

धन को बर्बाद करने पर सिर्फ,आप निर्धन होते हैं लेकिन समय बर्बाद करने पर आप,अपने जीवन का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा गंवा देते  है।