KGF 2
KGF 2 real story, history

KGF 2 का असल कहानी,इतिहास | Real story of KGF in hindi

आखिर KGF 1 फिल्म किसने नहीं देखी होगी साल 2018 में आई यह फिल्म मुख्य रूप से कन्नड़ भाषा में बनी थी लेकिन फिल्म को कन्नड़ भाषा के अलावा तेलुगु, तमिल और हिंदी में डब किया गया था।

KGF Chapter 1 ने बॉक्स ऑफिस पर  कमाई के मामले में कई रिकॉर्ड तोड़े ऐतिहासिक, इमोशनल, थोड़ा ड्रामा से भरपूर होने के कारण फिल्म को सभी वर्ग के लोगों ने पसंद किया। फिल्म में मुख्य किरदार मे सुपरस्टार यस जिसने रॉकी भाई का किरदार इतना अच्छा निभाया कि हर तरफ सिर्फ रॉकी भाई की चर्चा होने लगे। उन दिनो फिल्म का हर एक करैक्टर खूब सुर्खियां बटोरी थी। जिसके बाद हर एक केजीएफ के फैन बन गये। जिसके बाद से हर कोई केजीएफ चैप्टर 2 आने का इंतजार करने लगा। लोग फिल्म के दूसरे पार्ट को देखने के लिये इतना ज्यादा उत्सुक है कि फिल्म का कोई अपडेट आते ही कूद पडते हैं। इस फिल्म का क्रेज लोगों के दिलों में इतना बढ़ चुका है कि आप अंदाजा इसी से लगा सकते हैं फिल्म का ट्रेलर आते 250 मिलियन से अधिक बार ने देखा जा चुका है। लम्बे इंतजार के बाद फिल्म को 14 अप्रैल 2022 को सिनेमाघरों में उतारने का फैसला किया है।

फिल्म के दुसरे पार्ट मे दो बड़े नाम संजय दत्त और रवीना टंडन का नाम  जुड़ने के बाद KGF 2 को और भी खास बनाने जा रही है।
फिल्म की रिलीज डेट आने के बाद फैन KGF 2 चैप्टर 2 के कास्ट, डायरेक्टर, कहानी, रिलीज डेट,केजीएफ का इतिहास, फिल्म बजट और KGF 2 से जुड़े फैक्ट को विस्तार से जानना चाहते हैं। अगर आप ये सारी जानकारी डिटेल में जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट के अंत तक बने रहे।

KGF का इतिहास,कहानी | KGF real story, history

KGF real story, history
KGF real story, history

KGF एक फिल्म तक ही सीमित नहीं है केजीएफ यानी कोलार गोल्ड फील्डस जिसका सैकड़ों साल पुराना इतिहास रहा है। जिससे हम आगे जाने वाले हैं:-

सबसे पहले बात करते है केजीएफ नामक स्थान कहां पर है तो बताते चलें केजीएफ कोलार गोल्ड फील्ड्स कर्नाटक के दक्षिण पूर्व इलाके में स्थित है दुरी की बात करे तो कोलार खान कर्नाटक की राजधानी बैंगलोर से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

BBC हिंदी वेबसाइट के अनुसार सबसे पहले सन 1871  मे न्यूजीलैंड आये ब्रिटिश सैनिक माइकल फिट्ज़गेराल्ड लेवेली कर्नाटक में बस गए और कर्नाटक कोलार गोल्ड फील्ड्स के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल कर लगभग 4 पन्नों का दस्तावेज एशियाटिक जर्नल को सौंपा।

4 पेजों के दस्तावेज को पढ़ कोलार गोल्ड को विस्तार से जानने के बाद अंग्रेजों ने केजीएफ को अपने अधिकार में करने के लिए रणनीति बनाने लगे।

उस समय कोलार के सभी इलाके पर टीपू सुल्तान का कब्जा था। 1799 की बात है जब श्रीरंगपट्टनम की लड़ाई मे अंग्रेजों की भारी-भरकम सेना के सामने टीपू सुल्तान ने घुटने टेक दिए थे। जिसके बाद अंग्रेजों ने केजीएफ के सटे  लगभग इलाके में अपना धाक जमा लिया। लगभग 50 वर्षों तक अंग्रेजों ने सोने की खुदाई के लिए काफी सर्वे और  रिसर्च की लेकिन उनके हाथ कुछ भी नहीं लगा। जिससे निराश होकर अंग्रेजों ने खान मे खुदाई बंद कर दी।

 

साल 1871 की बात है जब दोबारा से अंग्रेज वॉरेन की रिपोर्ट पढ़कर लेवेली ने खुदाई करने का फैसला किया। लगातर दो सालो तक सर्वे और रिसर्च करने के बाद उन्होंने मैसूर के महाराजा से खुदाई की परमिशन मांगकर लगभग 20 वर्षो तक खान मे खुदाई करवाई।

बताया जाता है की चोल साम्राज्य में कोलर खान मे लोग ज़मीन को हाथ से खोदकर ही सोना निकालते थे उनके पास खुदाई के लिए अतिरिक्त औजार नहीं थे। इसे देख अंग्रेजों को लालच आ गया और उनके हेड वॉरेन ने सोने के बारे में जानकारी देने वालों को ईनाम देने का घोषणा कर दिया था।

कोलार केवल सोने के लिए प्रसिद्ध नही था कोलर बिजली प्राप्त करने वाला भारत का पहला और जापान के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्लांट रहा है।

बिजली आने के बाद केजीएफ में सोने की खुदाई में तेजी मिली काम कर रहे मजदूर दिन के अलावा रात मे भी उसी तेजी के साथ खुदाई करने लगे थे।

रिपोर्ट के अनुसार 1902 तक केजीएफ में भारत की खपत का लगभग 90% होना निकलने लगा था।

जिसके बाद केजीएफ मैं काम करने वाले मजदूरों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी साल 1930 तक मजदूरों का आंकड़ा 30 हजार के पार चला गया।

आगे देश आजाद होने के बाद भारत सरकार द्वारा  केजीएफ खान को राष्ट्रीयकरण कर दिया गया और भारत सरकार ने गोल्डमाइंस लिमिटेड कंपनी के हाथों में खान को सौंप दिया गया जैसे तैसे कंपनी ने सन 2001 तक चला सकी पूरी तरह ठप हो जाने के कारण साल 2001 में बंद करने का फैसला किया।

रिपोर्ट के अनुसार कोलार खान का इतिहास 121 सालो तक रहा उस बीच चोल वंश, गुप्त वंश, टीपू सुल्तान से लेकर अंग्रेजों  तक खान पर अपना शासन किया और  लगभग 900 टन से अधिक सोना निकाला गया।

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KGF से जुड़े फैक्ट | Facts about KGF

चोल वंश, गुप्त वंश, टीपू सुल्तान से लेकर अंग्रेजों तक सैकड़ों वर्षों तक कोलार के सोने को खूब लूटा। 1956 के बाद कोलार खान भारत सरकार के कब्जे मे हो गया।

केजीएफ खदान दुनिया की सबसे गहरी खदानों में से एक है जिसकी लम्बाई (2 से 3 कि.मी.) के आस पास बताई गई है।

कोलार खान में साल 2001 के बाद भरतीय सरकारी कंपनी ने खुदाई बंद कर दी थी। इसका कारण था कि सोना कम और खुदाई का खर्चा ज्यादा होने लगा था।

बीजली आने से पहले केजीएफ़ की खानों में रोशनी का इंतज़ाम मशालों और मिट्टी के तेल से जलने वाले लालटेन से होता।

कोलार गोल्ड फ़ील्ड की बिजली की ज़रूरत पूरी करने के लिए वहां से लगभग 130 किलोमीटर दूर कावेरी बिजली केंद्र बनाया।

KGF Chapter 2 cast, director

Cast                Role

Yush – Raja Krishnappa Bairya a.k.a. Rocky

Anmol Vijay  –  young Rocky

Sanjay Dutt  –  Adheera

Srinidhi Shetty  –  Reena Desai

Raveena tandan – Ramika Sen

Parkash Raj – Vijayendra Ingalagi

Archana Jois – Shanthamma Rocky’s mother

Ramachandra Raju –  Garuda

KGF Chapter 2 crew, released date

Release Date  – 14 April 2022
Director  –  Prashanth Neel
Story  –  Prashanth Neel
Screenplay  – Prashanth Neel
Producer  –  Vijay Kirgandur,
Karthik Gowda
Music Director  –  Ramin Djawadi
Language  –  Kannada
Genre  –  Thriller, Action, Drama film
Production Company –  Hombale
Status  –  Under Production
Cinematographer –  Bhuban Gowda
Distributors  –  KRG Studios
Editor – Srikanth
Budget – 100Cr

Prithviraj फिल्म का असल कहानी | Prithviraj movie real story

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This Post Has 2 Comments

  1. Mohan Kumar

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